पिछला कवर

इस पुस्तक की लेखिका, एडेल बालासिंघम, एक समाजशास्त्री, राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं, जो तमिल स्वतंत्रता संघर्ष का नेतृत्व करने वाले स्वतंत्रता आंदोलन, लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के साथ बीस से अधिक वर्षों तक भारत और श्रीलंका में रहीं और काम किया। उन्होंने जाफना समाज में दहेज प्रथा और एलटीटीई की महिला लड़ाकों पर भी रचनाएँ प्रकाशित की हैं।
इस पुस्तक, ‘द विल टू फ्रीडम’ में एडेल बालासिंघम ने तमिल टाइगर आंदोलन द्वारा किए गए सशस्त्र प्रतिरोध संघर्ष का गहन आंतरिक अध्ययन प्रस्तुत किया है। अर्ध-आत्मकथात्मक, ऐतिहासिक शैली में लिखित, ‘द विल टू फ्रीडम’ तमिल स्वतंत्रता संघर्ष के विकासवादी इतिहास के पिछले दो दशकों में महत्वपूर्ण घटनाओं, प्रसंगों और निर्णायक मोड़ों का विस्तृत सर्वेक्षण प्रस्तुत करता है। यह रोचक अध्ययन एलटीटीई के नेतृत्व की अब तक अज्ञात विशेषताओं पर भी प्रकाश डालता है। उन हिंसक कालखंडों के रक्तरंजित निशानों को बयां करते हुए, लेखक तमिल लोगों और स्वतंत्रता सेनानियों की पीड़ा की गहराई के साथ-साथ उनकी स्वतंत्रता की प्रज्वलित भावना को भी उजागर करता है। यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए रुचिकर होगी जो तमिल प्रतिरोध आंदोलन की अंदरूनी कहानी का अध्ययन करना चाहते हैं।
ISBN 1-903679-01-X